Tuesday, 2 February 2016

SEO Kya hai or kitne type ka hota h in hindi tutorial

What Is SEO

SEO Kya hai or kitne type ka hota h

SEO KYA HOTA HAI IN HINDI TUTORIAL 

    ) क्या हैं हिंदी में जाने

( स इ ओ  ) क्या हैं SEO Kya hai or kitne type ka hota h
SEO KYA HOTA HAI


क्या आप वेबसाइट बनाने की सोच रहे है या फिर पहले से बना चुके हैं।  क्या आप  जानते हैं हमें वेबसाइट बनाने से पहले या बनाने के बाद किन बेसिक काध्यान रखना चाहिए। क्या आपकी वेबसाइट सर्च इंजन फ्रेंडली है ?
 आप सोच रहे होंगे किस आखिर सर्च इंजन फ्रेंडली क्या चीज़ है।  तो चलिए जानते हैं दोस्तों ऐश का मतलब क्या होता है आपकी वेबसाइट सर्च इंजन जैसे की( Yahoo, Google, MSN, Yandex) के नियम के मुताबिक बानी है। अगर आप ने नहीं किया है या फिर ( ) करना नही जानते तो में आपको कुछ टिप्स जो की नीचे दिए गे हैं उन्हें इस्तेमाल कर के अपनी वेबसाइट को सर्च इंजन फ्रेंडली बनाना पड़ेगा। ऐसा करने से आपकी वेबसाइट सर्च इंजन में दिखने लगती है. जब कोई यूजर कोई सुचना की तलश में होता है और आपकी वेबसाइट उशे मिलती है तो आपकी वेबसाइट का प्रमोशन के साथ साथ वेबसाइट की वलुए भी बढ़ती है। 

कई बड़े जानकार और ( ) एक्सपर्ट्स के सुझाओ को जानने के बाद यहन बहुत इम्पोर्टेन्ट और उसे फुल सुझाओ को जमा किया गया है.

आये जानते हैं इन सुझाओ को।

   1)   वेबसाइट का नाम यानि डोमेन नाम या यूआरएल आम आवर छोटा होना चाहिए आसानी से पढ़ा जा सके और लोग याद रख सके. अगर आप ( ) की नज़र से देखें तो डोमेन नाम मैं अगर वेबसाइट का इस्तिमाल करें तो ज़यादा फ़ायदा होगा।

   मिसाल के तौर पर मेरी वेबसाइट का यूआरएल है http://www.couponsrecharge.com यह मिसाल के तोर में आसानी से किसी को भी याद हो सकता है।  और इस में कीवर्ड्स का भी इस्तिमाल किया गया है. ये यूआरएल एक सर्च इंजन फ्रेंडली वेबसाइट का एक बेहतरीन मिसाल है।


   2)    आप जिस भी कीवर्ड्स को टारगेट करना चाहते हैं मतलब जिस भी कीवर्ड पे वेबसाइट की रेंकिंग को    हासिल करना चाहते हैं उन कीवर्ड्स को अपनी वेबिस्ते के जरूरत के मुताबिक पेज मैं टाइटल टैग मैं डालें।क्या आप वेबसाइट बनाने की सोच रहे है या फिर पहले से बना चुके हैं।  क्या आप  जानते हैं हमें वेबसाइट बनाने से पहले या बनाने के बाद किन बेसिक का ध्यान रखना चाहिए।

   और अगर नहीं है तो उम्मीद करता हूँ इस पोस्ट से आप कुछ बेहतर सीखोगे।  वास्तविक में होता क्या है की बहुत से न्यू ब्लॉगर जब इसके बम में इंटरनेट पर सर्च करते है तो उन्हें बैकलिनक्स या ट्रैफिक बढ़ाने वाली पेड वेबसाइट मिल जाती है जो की $5- $10 में बैकलिनक्स देने या ट्रैफिक बढ़ने का दवा करती है।  न्यू ब्लॉगर उन्हें काम पैसे का ऑफर समझ कर खरीद लेते है और ये उनका पहला कदम होता है ब्लेक हर सो की तरफ जाने का। 




  • ( ) दो प्रकार के होते है।

  1. v ब्लेक हैट ( )
  2. v वाइट हैट ( )


  •           ब्लेक हैट ( ) के बारे में :-
   
   1)    मेटा टैग्स : सर्च डिस्क्रिप्शन-  

किसी भी पोस्ट में मेटा टैग्स लिखते समय ये बात ध्यान रखनी चाहिए की मेटा टैग्स में पोस्ट से सम्बंधित कीवर्ड्स ही उसे किये हो।  कई बार क्या होता कई की नई ब्लॉगर पोस्ट से अलग कीवर्ड मेटा टैग में ऐड कर देते है।  जो ब्लैक हैट ( ) की तरफ ले जाता है।

    2)    एक पोस्ट दो बार ( Doable Post)

कुछ ब्लॉगर सर्च इंजन में लेन और विजिटर बढ़ाने के लिए एक ही पोस्ट दो बार शेयर करते है या फिर कोई दूसरा ब्लॉग बना कर उसमे मैन ब्लॉग की पोस्ट शेयर करते है। जब सर्च इंजन इन पोस्ट को करावल करता है तो शामे प्रॉसेस मिलती है।  और धीरे धीरे सर्च इंजन एसी पोस्ट बन करने लग जाता है.

    3)    कीवर्ड (Keyword)

  पोस्ट लिखते वक़्त इस बात का ख्याल होना चाहिए की के ही कीवर्ड  10-15 बार से अधिक बार उसे ना हो।      ये 10-15 काम जयादा भी हो सकते है।  वास्तव में न्यू ब्लॉगर से ये गलती होती . पर मई आपको बताना      चाहता हूँ की जिस तरह हर चीज़ की एक हद होती है बिलकुल वैसे ही पोस्ट में कीवर्ड की भी एक हद होती        है इसलिए इसके बारे में जानने के बाद एक ही कीवर्ड को पोस्ट में जयादा बार यूज़ करे. सर्च इंजन              लगभग 2%-5% कीवर्ड की प्रेफर करता है।  इससे जयादा कीवर्ड का इस्तेमाल करना गलत है।

    4)    दूरवे & गेटवे पोस्ट  (Doorway & Gateway पोस्ट)
   ये उन पोस्ट के बारे में है हो बहुत शार्ट होती है और जो एक जैसे कीवर्ड से बरी होती है। सर्च इंजन इहने           बहुत जल्दी बन कर दता है. एशि पोस्ट ज्यादातर कहि से कॉपी किया गया कोटेनेट होता है।



  Ø वाइट हैट ( ) के बारे में :-


       1)    नो कापिराइटिंग ( No Copyrighting )

  यह वाइट हैट ( ) का पहल और आखरी एक्स्पेक्ट है। अपना ब्लॉग या वेबसाइट को सर्च इंजन में       अछा रिजल्ट मिले इसके लिए मई आपको सजेस्ट करूंगा की आपकी ब्लॉग या वेबसाइट का कॉन्टेक्ट           ओरिजिनल होना चाहिए।  यानि आपकी ब्लॉग पर कापिराइटिंग नही होगी और साडी पोस्ट आपकी लिखी        होगी तो आपकी ब्लॉग सर्च इंजन में नो 1 रैंकिंग पर होगी .

       2)      सर्च इंजन गाइडलाइन्स (Search Engine Guidelines)

वेबसाइट को सर्च ेणीने से सबमिट करने के लिए ( ) को गाइड किया जाता है।  पर क्या आपको पता है की सर्च इंजन की भी गाइडलाइन्स होती है।  अगर तुम उसका प्लान किये बगैर साइट को सर्च इंजन को अड़ करते है।  तो हो सकता है हमने सर्च इंजन के रूल्स का उलग्घन किया हो। 
    
      3)      जयादा फोटो (Extra Images)

बिना जरुरत की इमेज पोस्ट में उसे करे।  वाइट हर ( ) techinque ये क्लियर करता है की पोस्ट में सिर्फ वही इमेज उसे करे जो क्लेअर्ल्य विजिटर के लिए हेल्प फुल हो।
    
     4)      गुड क्युअलिटी कॉन्टेंट (Good Quality Content)

वाइट हैट ( ) में गुड क्युअलिटी कॉन्टेंट की सबसे इम्पोटेंट होता है। अगर आप चाहते हो की काम टीम एमए आपके ब्लॉग पर जयादा से ज्यादा विजिटर आय तो अच्छी पोस्ट करे जो इंटरनेट पे पहले से हो. यही गुड क्युआलित्य कॉन्टेंट होता है।  सिर्फ यही नही आपको चाहिए की पोस्ट में ऐसा टेलेंट हो जो विसिटोर्स का दिल जितने का काम करे। 


तो दोस्तों वाइट हैट (   ) को अपनाये और ब्लेक हर ( ) को अवॉयड करे।  जिससे आपकी वेबसाइट तेजी से सर्च इंजन से ट्रैफिक बना सके। 

अब आपकी बरी है commnet box में commnet करने की ये पोस्ट आपको कैसा लगा। 



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